🌟 लाला लाजपत राय: जन्म एवं प्रारंभिक जीवन
- जन्म तिथि: 28 जनवरी 1865
- जन्म स्थान: धुडिके (फिरोजपुर, पंजाब)
- पिता का नाम: राधा कृष्ण आज़ाद
- माता का नाम: गुलाब देवी
- पत्नी का नाम: राधा देवी
- शिक्षा: गवर्नमेंट कॉलेज, लाहौर वकालत की शिक्षा प्राप्त की।
🏷️ लाला लाजपत राय: राजनीतिक जीवन की शुरुआत
- आर्य समाज से प्रभावित हुए।
- 1886 में "दयानंद एंग्लो वैदिक (DAV) कॉलेज, लाहौर" की स्थापना में सहयोग दिया।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उग्रवादी विचारों के समर्थक।
📢 लाला लाजपत राय: प्रमुख संगठन / आंदोलन
- 1905 – बंगाल विभाजन के विरोध में आंदोलन।
- 1907 – कांग्रेस के सूरत अधिवेशन में उग्रवादी दल के नेता बने।
- 1921 – असहयोग आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
- साइमन कमीशन के विरोध में पंजाब में आंदोलन का नेतृत्व किया (1928)।
🏅 लाला लाजपत राय: प्रमुख कार्य / योगदान
- पंजाब में राष्ट्रीय जागरण के प्रमुख नेता।
- मजदूरों और किसानों के अधिकारों के लिए कार्य किया।
- "पंजाब नेशनल बैंक" की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका।
- "लाल-बाल-पाल" त्रयी के सदस्य (बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल के साथ)।
📚 लाला लाजपत राय: पुस्तकें / लेखन
यंग इंडिया
लेख
अनहैप्पी इंडिया
पुस्तक
द स्टोरी ऑफ माई डिपोर्टेशन
आत्मकथा
💼 लाला लाजपत राय: महत्वपूर्ण पद / जिम्मेदारियाँ
🎯 लाला लाजपत राय: पुरस्कार / सम्मान
- 1928 – "सर" की उपाधि (ब्रिटिश सरकार द्वारा)
- 1928 – साइमन कमीशन विरोध में लाठीचार्ज से गंभीर रूप से घायल हुए।
📝 लाला लाजपत राय: महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Special)
- लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था।
- उन्हें "पंजाब केसरी" कहा जाता है।
- 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में लाठीचार्ज से गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
- इनका निधन 17 नवंबर 1928 को हुआ था।
- भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अतुलनीय है।
⭐ लाला लाजपत राय: याद रखने योग्य बातें
✨ निष्कर्ष: लाला लाजपत राय
लाला लाजपत राय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता और "पंजाब केसरी" के रूप में प्रसिद्ध थे। उन्होंने पंजाब में राष्ट्रीय जागरण का अभूतपूर्व कार्य किया और "लाल-बाल-पाल" त्रयी के रूप में देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइमन कमीशन के विरोध में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।