🌟 शिवराम हरि राजगुरु: जन्म एवं प्रारंभिक जीवन
- जन्म तिथि: 24 अगस्त 1908
- जन्म स्थान: खेड़ा, महाराष्ट्र।
- पिता का नाम: हरि नारायण राजगुरु
- माता का नाम: कुसुमबाई
- शिक्षा: पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज में अध्ययन किया।
🏷️ शिवराम हरि राजगुरु: उपनाम / परिचय
- क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी
- हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के प्रमुख सदस्य।
- भगत सिंह और सुखदेव के साथी
📢 शिवराम हरि राजगुरु: प्रमुख संगठन / आंदोलन
- हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA)
- काकोरी कांड (1925) में सक्रिय भूमिका
- अंग्रेजों के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियाँ
🏅 शिवराम हरि राजगुरु: प्रमुख कार्य / योगदान
- क्रांतिकारी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई।
- लाहौर षड्यंत्र केस में शामिल।
- देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
- फाँसी के समय भी देशभक्ति के गीत गाते रहे।
📚 शिवराम हरि राजगुरु: पुस्तकें / रचनाएँ
कोई प्रमुख पुस्तक उपलब्ध नहीं है।
—
💼 शिवराम हरि राजगुरु: महत्वपूर्ण पद / जिम्मेदारियाँ
- HSRA के सक्रिय सदस्य।
- लाहौर षड्यंत्र केस में अभियुक्त
- काकोरी कांड के क्रांतिकारियों के सहयोगी
🎯 शिवराम हरि राजगुरु: प्रसिद्ध घटनाएँ
📝 शिवराम हरि राजगुरु: महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Special)
- जन्म: 24 अगस्त 1908 (खेड़ा)
- मृत्यु: 23 मार्च 1931 (लाहौर)
- HSRA के प्रमुख सदस्य थे।
- भगत सिंह और सुखदेव के साथी थे।
- आज़ादी के लिए हँसते-हँसते फाँसी चढ़ गए।
⭐ शिवराम हरि राजगुरु: याद रखने योग्य बातें
✨ निष्कर्ष: शिवराम हरि राजगुरु
शिवराम हरि राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और HSRA के प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका। लाहौर षड्यंत्र केस में उन्हें फाँसी की सजा दी गई और 23 मार्च 1931 को उन्होंने देश के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दी। वे सबसे कम उम्र के शहीदों में से एक थे। उनका जीवन प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।