भारत सरकार ने 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में एक ऐतिहासिक कानून पारित किया है जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 को प्रतिस्थापित करेगा। नए कानून का नाम है - "विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)" या VB-G RAM-G।
🎯 VB-G RAM-G के प्रमुख उद्देश्य:
- रोजगार बढ़ाना: 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन का रोजगार गारंटी
- तकनीकी एकीकरण: डिजिटल और तकनीकी उपकरणों का समावेश
- संस्थागत सुधार: ग्राम पंचायतों की क्षमता निर्माण
- समन्वयन: विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय
- पारदर्शिता: डिजिटल मॉनीटरिंग और ट्रैकिंग सिस्टम
🔄 मनरेगा से मुख्य परिवर्तन:
- कार्ड सिस्टम: जॉब कार्ड → नया श्रमिक कार्ड
- कार्य दिवस: 100 → 125 दिन प्रति परिवार
- योजना पद्धति: मांग आधारित → आपूर्ति आधारित
- तकनीकी उन्नयन: पारंपरिक → डिजिटल प्रबंधन
- संरचनात्मक बदलाव: नई संस्थागत व्यवस्था
📋 योजना की मुख्य विशेषताएं:
- विकसित ग्राम पंचायत योजना: सभी कार्य इसी योजना से निकलेंगे
- श्रमिक कार्ड व्यवस्था: 60 वर्ष से कम/अधिक के लिए अलग-अलग कार्ड
- जीआईएस आधारित टूल्स: आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग
- पीएम गति शक्ति: राष्ट्रीय मास्टर प्लान से एकीकरण
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: तकनीकी आधारभूत संरचना
⚖️ कनवर्जेंस और संतृप्ति आधारित योजना:
- अनिवार्य समन्वय: केंद्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं का एकीकरण
- संसाधन अनुकूलन: विभिन्न योजनाओं के संसाधनों का समन्वित उपयोग
- कार्यक्रम दक्षता: डुप्लीकेशन कम करना और प्रभाव बढ़ाना
- सतत विकास: दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों से जुड़ाव
- सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका
🌾 खेती के मौसम में काम रोकने का प्रावधान:
नए कानून में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि खेती के पीक सीजन (बुवाई और कटाई के समय) में योजना के तहत काम रोक दिया जाएगा। राज्य सरकारों को साल में अधिकतम 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करनी होगी, जिस दौरान कोई काम नहीं होगा। इससे कृषि कार्यों के लिए श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
🔒 पारदर्शिता और तकनीकी प्रावधान:
- बायोमेट्रिक उपस्थिति: मजदूरों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड
- जियो-टैगिंग: कार्य स्थलों की भौगोलिक टैगिंग
- रियल-टाइम डैशबोर्ड: वास्तविक समय में निगरानी
- मोबाइल मॉनिटरिंग: मोबाइल फोन से कार्यों की निगरानी
- साप्ताहिक सार्वजनिकीकरण: कार्य, भुगतान और शिकायतों की सार्वजनिक जानकारी
- एआई आधारित ऑडिट: कृत्रिम बुद्धिमत्ता से ऑडिट और धोखाधड़ी नियंत्रण
💰 बेरोजगारी भत्ता और भुगतान प्रणाली:
- भत्ता संरचना: काम न मिलने पर 15 दिन के भीतर भत्ता
- पहले 30 दिन: मजदूरी का कम से कम 25% भत्ता
- उसके बाद: मजदूरी का कम से कम 50% भत्ता
- भत्ता जिम्मेदारी: राज्य सरकारों की जिम्मेदारी
- प्रत्यक्ष भुगतान: सभी भुगतान सीधे श्रमिक खाते में
- सार्वजनिक रिकॉर्ड: सभी रिकॉर्ड जनता की जांच के लिए उपलब्ध
🆔 श्रमिक कार्ड व्यवस्था:
- कार्ड प्रकार: ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड
- वैधता अवधि: 3 वर्ष
- विशेष कार्ड: महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों के लिए
- जनजातीय समूह: विशेष रूप से कमजोर जनजातियों के लिए
- ट्रांसजेंडर व्यक्ति: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष प्रावधान
- आयु आधारित वर्गीकरण: 60 वर्ष से कम और अधिक के लिए अलग कार्ड
💵 वित्तीय व्यवस्था और फंडिंग पैटर्न:
- केंद्र प्रायोजित: योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित
- पूर्वोत्तर राज्य: केंद्र-राज्य अनुपात 90:10
- हिमालयी राज्य: केंद्र-राज्य अनुपात 90:10
- अन्य राज्य: केंद्र-राज्य अनुपात 60:40
- केंद्रशासित प्रदेश: 100% केंद्रीय फंडिंग
- राज्य का बढ़ा हिस्सा: मनरेगा की तुलना में राज्यों का अधिक योगदान
🌟 निष्कर्ष और भविष्य की संभावनाएं:
VB-G RAM-G कानून ग्रामीण रोजगार नीति में एक संरचनात्मक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। यह न केवल रोजगार के दिनों में वृद्धि करता है बल्कि इसे एक व्यापक विकास और अवसंरचना रणनीति से जोड़ता है। जलवायु पर ध्यान केंद्रित, राष्ट्रीय अवसंरचना योजना के साथ एकीकरण और डिजिटल सिस्टम का अधिकतम उपयोग इस नीति के प्रमुख बदलाव हैं।
योजना की सफलता अंततः पंचायत स्तर पर प्रभावी योजना और समय पर मजदूरी भुगतान पर निर्भर करेगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करना होगा कि खेती के मौसम में काम रोकने का निर्णय भूमिहीन परिवारों की आजीविका को प्रभावित न करे।